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Poison Free Agriculture Farming

सिफारिशें - ज़हर-मुक्त खेती - पंचस्तरीय बागवानी

‌‌‌जिस भूमि में बागवानी करनी है उस खेत में पूर्व फसल दलहन की लें। पूर्व फसल की कटाई करने के बाद उसके अवशेष एकत्रित करके
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सिफारिशें - ज़हर-मुक्त खेती - अरहर, हल्दी एवं मिर्च की खेती

बीज की किस्में: ‌‌‌सभी देशी ‌‌‌या संकर किस्में। ‌‌‌खेत की तैयारी: प्रति एकड़ 400 किलोग्राम घन-जीवामृत छिड़क कर अन्तिम जुताई से मिट्टी में मिला दें। ‌‌‌अंकुरित...
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सिफारिशें - ज़हर-मुक्त खेती - आलू एवं सरसों की खेती

बीज की किस्में: ‌‌‌सभी देशी ‌‌‌या संकर किस्में। ‌‌‌खेत की तैयारी: प्रति एकड़ 400 किलोग्राम घन-जीवामृत छिड़क कर अन्तिम जुताई से मिट्टी में मिला दें। ‌‌‌अंकुरित...
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सिफारिशें - ज़हर-मुक्त खेती - गन्ने की खेती

बुवाई का समय: 10 अगस्त से 10 नवम्बर तक। ‌‌‌बीज का चयन: 8-9 महीने पूराने खेत का गन्ना। ‌‌‌गन्ने की आँख का चयन: गन्ने की पोरी के...
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सिफारिशें - ज़हर-मुक्त खेती - कपास एवं सब्जियों की खेती

‌‌‌कपास के बीज की किस्में: ‌‌‌सभी देशी ‌‌‌या संकर किस्में। ‌‌‌कपास लगाने से पहले की तैयारी: प्रति एकड़ 400 किलोग्राम घन-जीवामृत छिड़क कर अन्तिम जुताई से...
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सिफारिशें - ज़हर-मुक्त खेती - सब्जियों की खेती

खेत की तैयारी: डैंचा, दलहन (मूँग, उड़द, लोबिया) इत्यादि हरी खाद को मिट्टी में मिलाएं। पलेवा करते हुए प्रति एकड़ 200 लीटर जीवामृत पानी के...
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सिफारिशें - ज़हर-मुक्त खेती - धान की खेती

सिफारिशें - ज़हर-मुक्त खेती - ‌‌‌धान की खेती ‌‌‌किस्में: सभी प्रकार की पी.आर. एवं बासमती ग्रुप की किस्में। ‌‌‌विधि: सबसे पहले धान की पौध तैयार करना। धान की...
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सिफारिशें - ज़हर-मुक्त खेती - ‌‌‌गेहूँ की खेती

‌‌‌‌‌‌अंतिम जुताई एवं खरपतवार को मिट्टी में मिलाने के बाद ढलान के विरूद्ध दिशा में 3 फुट पर इस प्रकार से नालियाँ निकालें कि नाली...
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