Home | Poison Free Agriculture Farming | सिफारिशें - ज़हर-मुक्त खेती - प्राकृतिक कीटरोधी - दशपर्णी अर्क

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सिफारिशें - ज़हर-मुक्त खेती - प्राकृतिक कीटरोधी - दशपर्णी अर्क

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घटक

पानी

200 लीटर

देशी गाय का मूत्र

20 लीटर

देशी गाय का गोबर

2 किलोग्राम

पपीता, कड़वा करेला, हल्दी, अदरक, अनार, अमरूद, कनेर, गुड़हल, कसौंदी, बबूल, सहजन, अर्जुन, गिलोय, चिरायता, पलास (ढाक)

किन्ही दस पौधों के पत्ते 2-2 किलोग्राम

हल्दी पाउडर

500 ग्राम

अदरक की चटनी

500 ग्राम

हींग पाउडर

10 ग्राम

तम्बाकू पाउडर

1 किलोग्राम

तीखी हरी मिर्च

1 किलोग्राम

विधि

गोबर व मूत्र को पानी में अच्छी प्रकार घोल कर 2 घण्टे के लिए रख दें।

‌‌‌फिर इसमें हल्दी का पाउडर, अदरक की चटनी व हींग के पाउडर को लकड़ी की डण्डी से अच्छी प्रकार मिला कर 24 घण्टे के लिए छाया में रखें।

इसके बाद एक बार फिर लकड़ी की डण्डी से हिलाकर इसमें तम्बाकू का पाउडर व तीखी मिर्च अच्छी प्रकार मिलाकर 24 घण्टे के लिए रख दें।

इसके बाद घटक विवर्णित किन्ही दस प्रकार के पौधों के 2-2 किलोग्राम पत्तों को इस तैयार मिश्रण में डालकर दबा दें।

फिर इस मिश्रण को बोरी से ढक कर 30-40 दिन के लिए रख दें। इस दौरान इस मिश्रण को सुबह-शाम घोलें।

दशपर्णी अर्क तैयार होने के बाद 6-8 लीटर अर्क को 200 लीटर पानी में मिलाकर एक एकड़ की फसल में छिड़काव करें।

 

ß (विषय-सूचि पर जाएं)

गेहूँ की खेती; धान की खेती; सब्जियों की खेती; कपास ‌‌‌एवं ‌‌‌सब्जियों की खेती; गन्ने की खेती; आलू एवं सरसों की ‌‌‌खेती; अरहर, हल्दी ‌‌‌एवं मिर्च की खेती; पंचस्तरीय बागवानी; जीवामृत; घनजीवामृत; बीजामृत; सप्त-धान्यांकुर; नीमास्त्र; अग्नि-अस्त्र; ब्रह्मास्त्र; दशपर्णी अर्क; फफूंदनाशक (फंगीसाइड); आच्छादन; ‌‌‌जीवनद्रव्य, ह्यूमस; वाफसा और वृक्षाकार प्रबन्धन; सूक्ष्म पर्यावरण; पद्मश्री सुभाष पालेकर जी; अन्तिम पृष्ठ

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