Home | Poison Free Agriculture Farming | सिफारिशें - ज़हर-मुक्त खेती - प्राकृतिक कीटरोधी - ब्रह्मास्त्र

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सिफारिशें - ज़हर-मुक्त खेती - प्राकृतिक कीटरोधी - ब्रह्मास्त्र

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इसका उपयोग बड़ी सुंडियों/ इल्लियों के नियन्त्रण के लिए किया जाता है।

घटक

देशी गाय का मूत्र

10 लीटर

नीम के पत्ते

3 किलोग्राम

करंज के पत्ते

2 किलोग्राम

सीताफल के पत्ते

2 किलोग्राम

बेल के पत्ते

2 किलोग्राम

सफेद धतूरा के पत्ते

2 किलोग्राम

अमरूद के पत्ते

2 किलोग्राम

अरंडी के पत्ते

2 किलोग्राम

‌‌‌पपीते के पत्ते

2 किलोग्राम

‌‌‌बनाने की विधि

‌‌‌इनमें से किन्ही 5 वनस्पतियों की चटनी बना लें।

इस चटनी को गौ-मूत्र में डालकर धीमी आँच पर एक उबाल आने तक गर्म करें।

इसके बाद 48 घण्टे तक ठण्डा होने के लिए रख दें।

इस मिश्रण का 2.5 से 3 लीटर घोल को 100 लीटर पानी में मिला कर एक एकड़ की फसल पर छिड़काव करें।

 

ß (विषय-सूचि पर जाएं)

गेहूँ की खेती; धान की खेती; सब्जियों की खेती; कपास ‌‌‌एवं ‌‌‌सब्जियों की खेती; गन्ने की खेती; आलू एवं सरसों की ‌‌‌खेती; अरहर, हल्दी ‌‌‌एवं मिर्च की खेती; पंचस्तरीय बागवानी; जीवामृत; घनजीवामृत; बीजामृत; सप्त-धान्यांकुर; नीमास्त्र; अग्नि-अस्त्र; ब्रह्मास्त्र; दशपर्णी अर्क; फफूंदनाशक (फंगीसाइड); आच्छादन; ‌‌‌जीवनद्रव्य, ह्यूमस; वाफसा और वृक्षाकार प्रबन्धन; सूक्ष्म पर्यावरण; पद्मश्री सुभाष पालेकर जी; अन्तिम पृष्ठ

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