Home | Poison Free Agriculture Farming | सिफारिशें - ज़हर-मुक्त खेती - सप्त-धान्यांकुर अर्क

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सिफारिशें - ज़हर-मुक्त खेती - सप्त-धान्यांकुर अर्क

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‌‌‌घटक 

तिल

100 ग्राम

मूँग दाल के बीज

100 ग्राम

उड़द दाल के बीज

100 ग्राम

लोबिया के बीज

100 ग्राम

मोठ के बीज

100 ग्राम

गेहूँ के बीज

100 ग्राम

चने के बीज

100 ग्राम

‌‌‌विधि:

1.    एक कटोरी में तिल के बीजों को थोड़े से पानी में रातभर भिगोकर रखें।

2.    दूसरे दिन तिल, मूँग उड़द, लोबिया, मोठ, गेहूँ, चने के बीजों को मिलाकर रातभर के लिए पानी में भिगो रख दें।

3.    तीसरे दिन सातों प्रकार के दानों को पानी से निकालकर एक पोटली में बांध ‌‌‌कर घर के अन्दर टाँग दें।। व पानी को सुरक्षित रख दें।

4.    फिर बीजों के अंकुरित होने के उपरान्त सभी बीजों को पीस कर चटनी की तरह बना लें।

5.    200 लीटर जल, 10 लीटर गौ-मूत्र व बीजों का सुरक्षित पानी का मिश्रण तैयार करें। इसमें हाथों की सहायता से सातों प्रकार के बीजों की चटनी को लकड़ी के डण्डे की सहायता से मिला दें।

6.    घोल तैयार होने के बाद इसको बोरी से ढक कर  दो घण्टे तक रख दें।

7.    इसके बाद इसको कपड़े से छान लें। ‌‌‌इस प्रकार सप्त-धान्यांकुर अर्क उपयोग के लिए तैयार है।

‌‌‌विशेष: इस अर्क को 48 घण्टे के अन्दर-अन्दर उपयोग करें।

‌‌‌फसल में उपयोग:

1.    दानों की दुग्धावस्था में

2.    बाल्यावस्था (छोटी फलियाँ) में

3.    फूलों की फसल में कली अवस्था में

पौधों पर छिड़काव करने से चमत्कारिक परिणाम देखने को मिलेंगे।

सप्त-धान्यांकुर अर्क के लाभ:

1.    सप्त-धान्यांकुर अर्क छिड़कने से दानों पर चमक आती है।

2.    फलों का गिरना बन्द होता है।

3.    फली में दानें पूरे भरते हैं।

4.    दानों का आकार व भार बढ़ता है।

5.    दानों में सुगन्ध बढ़ती है।

6.    प्राकृतिक आपदाओं को सहन करने की शक्ति बढ़ती है।

 

 ß (विषय-सूचि पर जाएं)

गेहूँ की खेती; धान की खेती; सब्जियों की खेती; कपास ‌‌‌एवं ‌‌‌सब्जियों की खेती; गन्ने की खेती; आलू एवं सरसों की ‌‌‌खेती; अरहर, हल्दी ‌‌‌एवं मिर्च की खेती; पंचस्तरीय बागवानी; जीवामृत; घनजीवामृत; बीजामृत; सप्त-धान्यांकुर; नीमास्त्र; अग्नि-अस्त्र; ब्रह्मास्त्र; दशपर्णी अर्क; फफूंदनाशक (फंगीसाइड); आच्छादन; ‌‌‌जीवनद्रव्य, ह्यूमस; वाफसा और वृक्षाकार प्रबन्धन; सूक्ष्म पर्यावरण; पद्मश्री सुभाष पालेकर जी; अन्तिम पृष्ठ

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