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सिफारिशें - ज़हर-मुक्त खेती - घनजीवामृत कैसे बनाएं?

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(एक एकड़ के लिए)

घटक

देशी गाय का गोबर

100 किलो ग्राम

‌‌‌गुड़ 

1.0 किलो ग्राम

‌‌‌‌‌‌बेसन

2.0 किलो ग्राम

मेढ़ की मिट्टी

1.0 मुट्ठी

देशी गाय का मूत्र

‌‌‌आवश्यकतानुसार

गोबर, गुड़, ‌‌‌‌‌‌बेसन व मिट्टी को ‌‌‌फावड़े की सहायता से अच्छी प्रकार मिला लें।

‌‌‌‌‌‌यदि गोबर सूखा है तो आवश्यकतानुसार इसमें थोड़ा-थोड़ा गौ-मूत्र मिलाएं।

‌‌‌‌‌‌मिश्रण को दो ‌‌‌से चार दिन तक छाया में सुखाएं। ‌‌‌दिन में दो बार उलट-पलट करें।

सर्दी के मौसम में 4 दिन बाद उपयोग किया जा सकता है।

अच्छी प्रकार सूखने के बाद ‌‌‌पाउडर रूप में बना लें ‌‌‌व खेत में उपयोग करें।

 

ß (विषय-सूचि पर जाएं)

गेहूँ की खेती; धान की खेती; सब्जियों की खेती; कपास ‌‌‌एवं ‌‌‌सब्जियों की खेती; गन्ने की खेती; आलू एवं सरसों की ‌‌‌खेती; अरहर, हल्दी ‌‌‌एवं मिर्च की खेती; पंचस्तरीय बागवानी; जीवामृत; घनजीवामृत; बीजामृत; सप्त-धान्यांकुर; नीमास्त्र; अग्नि-अस्त्र; ब्रह्मास्त्र; दशपर्णी अर्क; फफूंदनाशक (फंगीसाइड); आच्छादन; ‌‌‌जीवनद्रव्य, ह्यूमस; वाफसा और वृक्षाकार प्रबन्धन; सूक्ष्म पर्यावरण; पद्मश्री सुभाष पालेकर जी; अन्तिम पृष्ठ

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