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‌‌‌‌‌‌फ्लोरीन की प्राप्ति के साधन, Sources of Fluorine

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फ्लोरीन, Fluorine, ट्रेस तत्व, Trace Element‌‌‌फ्लोरीन‌‌‌ के कार्य (Functions of Fluorine)‌‌‌फ्लोरीन‌‌‌ हीनता के प्रभाव (Effects of Deficiency of Fluorine)‌‌‌फ्लोरीन की अधिकता के प्रभाव (Effects of Excess intake of Fluorine)‌‌‌‌‌‌फ्लोरीन की प्राप्ति के साधन (Sources of Fluorine)फ्लोरीन की दैनिक आवश्यकता (Daily requirement of Fluorine)

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फ्लोरीन का मुख्य स्त्रोत पीने का पानी है। कोमल पानी में इसकी उपस्थिति नहीं होती जबकि कठोर पानी में इसकी मात्रा काफी अधिक होती हैजिस पानी में फ्लोरीन होती है। उस पानी में उगार्इ गर्इ वनस्पति में भी फ्लोरीन होती है। इसके अतिरिक्त चाय तथा समुद्री मछली के अच्छे साधन हैं।

एक ग्राम चाय की पत्ती को 125 मि.ली. पानी में डालकर 5 मिनट तक उबालने पर फ्लोराइड में 18.13 से 56.19 मि.ग्रा. ‌‌‌प्रति लीटर तक वृद्धि हो जाती है। फ्लोराइड की मात्रा पान में 7.8 से 12 मि.ग्रा. ‌‌‌प्रति लीटर सुपारी में 3.8 से 12 मि.ग्रा. ‌‌‌प्रति लीटर एवं तंबाकू में 3.1 से 38.0 मि.ग्रा. ‌‌‌प्रति लीटर तक होती है।

राजस्थान के भूजल में फ्लोराइड की सर्वाधिक मात्रा 31.0 पी.पी.एम. तक पाई गई है। संपूर्ण भारत में यह फ्लोराइड की सर्वाधिक मात्रा है। संयोगवश भारत में चाय के साथ दूध का प्रयोग फ्लोराइड के प्रभाव को कम करता है।

‌‌‌सरोज बाला, ‌‌‌कुरूक्षेत्र (‌‌‌हरियाणा)

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