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लोहे के कार्य, Functions of Iron

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लोहा, Iron, ट्रेस तत्व, Trace Element; लोहे के कार्य (Functions of Iron); लोहे की कमी के प्रभाव (Effect of Iron Deficiency)‌‌‌लोहे की अधिकता के प्रभाव (Effects of excessive intake of Iron); लोहे की प्राप्ति के साधन (Sources of Iron); लोहे की दैनिक आवश्यकता (Daily Requirement of Iron)

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लोहे के निम्नलिखित कार्य हैं -

1. हीमोग्लोबिन का निर्माण (Formation of Hacmoglobion) - रक्त कोशिकाओंं का निर्माण कार्य अस्थि मज्जा में होता है। अस्थि मज्जा में लोहा एक विटामिन, पिरीडॉक्सिन (vit B6) की उपस्थिति में ग्लाइसिन (Glycine) अमीनो अम्ल के साथ मिलकर हेम (Haem) नामक ‌‌‌तत्व का निर्माण करता है। यह ‌‌‌तत्व ग्लोबिन (Globin) नामक प्रोटीन के साथ मिलकर हीमोग्लोबिन का निर्माण करता है। हीमोग्लोबिन के अभाव में रक्त कणिकाएं अपना कार्य ठीक प्रकार से नहीं कर सकती।

2. ऑक्सीजन तथा कार्बन-डार्इ-ऑक्साइड का वाहक (Carrier of oxygen and carbon di-oxide) - लोहे का मुख्य कार्य शरीर में ऑक्सीजन तथा कार्बन-डार्इ-ऑक्सीइड का परिवहन है। यह कार्य हीमोग्लोबिन ‌‌‌के ‌‌‌द्वारा होता है। हीमोग्लोबिन फेफडों में ऑक्सीजन के साथ मिलकर ऑक्सी-हीमोग्लोबिन (Oxyhaemoglobin) का निर्माण करता है। इस रूप में हीमोग्लोबिन प्रत्येक कोशिका तक ऑक्सीजन ले जाता है। कोशिकाएं ऑक्सीजन ग्रहण कर लेती हैं तथा वहां पर ‌‌‌उपस्थित कार्बन-डार्इ-ऑक्सीइड, हीमोग्लोबिन के साथ मिलकर ‌‌‌कार्बोक्सी - हीमोग्लोबिन के साथ मिलकर कार्बोक्सी-हीमोग्लोबिन (Carboxy haemoglobin or reduced haemoglobin) का निर्माण करती हैं। इस रूप में हीमोग्लोबिन फेफड़ों तक पहुंच कर वहां कार्बन-डार्इ-ऑक्साइड, को छोड़ कर पुन: ऑक्सीजन ग्रहण कर लेता है। इस प्रकार यह चक्कर चलता रहता है।

3. अन्य कार्य (Other Functions)

प्रत्येक कोशिका में उपस्थित क्रोमेटिन (Chromatin) का ‌‌‌आवश्यक भाग होने के कारण, लोहा कोशिकाओं की जैवकीय क्रियाओं में सहायता करता है।

लोहा शरीर में पाए जाने वाले कुछ एन्ज़ाइम्स तथा हामोन्स का ‌‌‌आवश्यक भाग है। रक्त प्लाज़मा में भी लोहा पाया जाता है।

यकृत में दवाइयों के विशैले प्रभाव को समाप्त करता है तथा प्रतिरक्षी कोशिकाओं ‌‌‌के निर्माण में सहायता करता है।

लोहा प्रोटीन, कार्बोज तथा वसा के उपापचयन में भी सहायक है।

‌‌‌सरोज बाला, ‌‌‌कुरूक्षेत्र (‌‌‌हरियाणा)

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