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सोडियम, मेजर खनिज तत्व, Sodium, Major Eiement

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‌‌‌सरोज बाला, ‌‌‌कुरूक्षेत्र (‌‌‌हरियाणा)

सोडियम के अणु शरीर में क्लोराइड, फास्फेट, बार्इकार्बोनेट तथा प्रोटीनेट के रूप में रहते हैं। शरीर में लगभग 100 ग्राम सोडियम पाया जाता है। इस मात्रा का 50% भाग अस्थियों, रक्त प्लाजमा तथा कोशिका द्रवों में होता है। बाकी का 50% भाग बाहरी कोशिका द्रव (Extra cellular fluid) में पाया जाता है।

सोडियम के कार्य, Functions of Sodium

1. सोडियम शरीर में अम्ल - क्षार संतुलन तथा उचित रसाकर्शण दबाब (Osmotic pressure) बनाने में सहायता करता है।

2. शरीर में जल के संतुलन को नियन्त्रि करने में सहायता करता है।

3. ‌‌‌मांसपेशियों के संकूचन तथा नाड़ी संस्थान की संवदेना शक्ति को बनाये रखता है।

4. हृदय की धड़कन को नियमित बनाये रखने में सहायता करता है।

5. पाचक रसों का भी अंग बनता है तथा ग्लूकोज को कोशिकाओं में ‌‌‌प्रविष्ट कराने में सहायक होता है।

सोडियम की कमी से होने से होने वाली हानियाँ, Effects of Sodium Deficiency

सामान्यता शरीर में सोडियम की कमी नहीं होती क्योंकि खाध पदार्थों में उपस्थित होने के अतिरिक्त साधारण नमक के रूप में भी सोडियम की पर्याप्त मात्रा हमें मिलती रहती है। गर्म जलवायु जैसै खुले खेतों या खानों में (Mines) कठिन श्रम करने वाले लोगों के शरीर से शरीर से पसीने के रूप में सोडियम की हानि हो जाती है। ऐसी स्थिति में ‘‌‌‌ऊष्णअपतान’ (Heat Cramps) नामक रोग हो जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रति 8% घंटे के परिश्रम से 10-20 ग्राम तक सोडियम क्लोराइड की हानि हो सकती है। इस कमी को 0.2-0.5% नमक के घोल के सेवन से दूर करना चाहिए। वमन या अतिसार के कारण भी सोडियम हीनता हो जाती है। इसके लिए भी ऊपरलिखित उपाय करना चाहिए।

एडिसन रोग (Addison’s disease) में एड्रिनल ग्रन्थि के हारमोन की कमी होने से सोडियम का शरीर से उत्सर्जन बढ़ जाता है। स्थिति में भी सोडियम हीनता हो जाती है। सोडियम की कमी के मुख्य लक्षण इस प्रकार हैं: -

1-     जी मिचलाता है तथा वमन की शिकायत रहती है।

2-     पेट व टांगों की मांसपेशियों में ऐंठन होती है।

3-     भूख कम लगती है।

4-     ‌‌‌सिर दर्द, भकावट तथा कमजोरी महसूस होती है।

सोडियम की अधिकता से हानियाँ, Effects of excessive intake of sodium

एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में सोडियम की अतिरिक्त मात्रा गुर्दों तथा त्वचा के ‌‌‌द्वारा उत्सर्जित कर दी जाती है। अत: स्वस्थ व्यक्ति के शरीर पर सोडियम की अधिकता का कुप्रभाव नहीं होता किन्तु शरीर में एड्रीनल कॉर्टीकल हारमोन (Adrenal Cortical Harmone) की अधिकता से सोडियम का अवरोधन (Retention) बढ़ जाता है। इससे शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ जाती है। सोडियम की उचित मात्रा शरीर में जल संतुलन बनाये रखने में सहायक है। इसलिए सोडियम के जमा होने से शरीर में जल भी इकट्ठा होने लगता है। इस अवस्था की ओडीमा (Oedema) कहते हैं। वनस्पति साधनों  की अपेक्षा जन्तु साधनों में सोडियम की मात्रा अधिक होती है। अगर शरीर मं प्रोटीन की कमी हो तो भी स्थिति की गमभीरता बढ़ जाती है। सोडियम की अधिकता से रक्त का दबाव बढ़ जाता है (Hypertension) तथा हृदय पर इसका प्रभाव पड़ता है।

सोडियम की प्राप्ति के साधन, Sources of Sodium

सोधारण नमक सोडियम प्राप्ति का सर्वोत्तम साधन है। बेकिंग पाउडर (Sodium bicarbonate) के रूप में केक, बिस्कुट आदि में सोडियम का प्रयोग किया जाता है। इसके अतिरिक्त दूध, अण्डा, मांस, मछली, पालक, मेथी, चने की दाल, चुकन्दर, हरा धनिया, लीची, खरबूजा, कच्ची मक्का आदि सोडियम की प्राप्ति के साधन हैं।

भोज्य पदार्थ

मात्रा (मि. ‌‌‌ग्रा.)

अनाज

 

कच्ची मक्का

51.7

गेंहूँ का आटा

20.00

गेहूँ

17.1

सूखी मक्का

15.9

बाजरा

10.9

चावल (Parboiled Milked)

10.0

दालें

 

‌‌‌चने की दाल

73.2

भुने चने

61.7

मसूर दाल

40.1

काले चने

37.3

मसाले

 

जीरा

126

अजवायन

56

सब्जियां

 

मेथी

76.1

मूली (Pink radish)

63.8

चुकन्दर

59.8

पालक

58.5

धनिया के पत्ते

58.3

हरा टमाटर

45.8

मूली (सफेद)

33.0

पका टमाटर

12.9

फल

 

लीची

124.9

खरबूजा

104.6

दूध एवं दूध से बने पदार्थ

 

भैंस का दूध

19.00

गाय का दूध

16.00

बकरी का दूध

11.00

अण्डा, मांस, मछली

 

रोहू मछली

101.00

अण्डे की जर्दी (Hen)

54.00

अण्डे की सफेदी (Hen)

20.00

सोडियम की दैनिक आवश्यकता, Daily Requirement of sodium

I.C.M.R. के पोशण विशेशज्ञों ने सोडियम की कोर्इ दैनिक मात्रा प्रस्तावित नहीं की । वैसे सोडियम की प्रतिदिन की आवश्यकता  जलवायु, व्यवसाय, शारीरिक  श्रम तथा स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। गर्म स्थानों पर रहने वाले व्यक्तियों की प्रतिदिन की आवश्यकता पसीना अधिक आने के कारण थोड़ी बढ़ जाती है।

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