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भूसी, गेहूँ का चोकर, Wheat bran

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स्वाद: भूसी का स्वाद फीका होता है।

स्वरूप: ‌‌‌इसका गेहूँ के दानों का ऊपरी हिस्सा होता है। इसकी तुलना जौ के आटे से कर सकते हैं।

स्वभाव: भूसी गर्म और रूखी होती है।

‌‌‌औषधीय गुण: यह सूजन और बलगम को पचाती है। शरीर को शुद्ध और साफ करती है। छाती और पेट को कोमल करती है। छाती की खरखराहट और पुरानी खांसी को नष्ट करती है। इसके साथ काला नमक मिलाकर पोटली बनाकर सेंकने से रोंयों के मुंह खुल जाते हैं और गैस से होने वाले दर्द दूर हो जाते हैं। 

‌‌‌विशेष: इसका अधिक मात्रा में सेवन दिल के लिए हानिकारक होता है। निशाश्ता इसके हानिकारक प्रभाव को नष्ट करता है।

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