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वृहत्समशर्कर चूर्ण

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गुण व उपयोग - इसके सेवन से खाँसी ज्वर, अरूचि, प्रमेह, गुल्म, वास, अग्निमांद्य और ग्रहणी बा​दि रोगों में उत्तम लाभ मिलता है। पुरानी खाँसी में कफ छाती में बैठ जाने पर इसका सेवन करने से खाँसी दूर होती है व कफ भी बाहर निकाल देता है।

मात्रा व अनुपान - 2 से 5 ग्राम, ​दिन 2 - 3

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