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क्षुधासागर रस

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गुण व उपयोग: क्षुधासागर रस के सेवन से भूख न लगना, अपच से हुए दस्त, आमाशय कमजोर होना, जठराग्नि मन्द होना, पाचन शक्ति कमजोर होना, उदरशूल, गुल्म, उदावर्त, पेट फूलना, फेनयुक्त दस्त, पेट में गुड़गुड़ाहट, कफ च वातजन्य विकारों में उत्तम लाभ मिलता है। उदरशूल गुल्म, उदावर्त रोग में शंख भस्म के साथ मिलाकर गर्म पानी में नींबू का रस निचोड़ कर उसके साथ शंखद्राव-मिश्रित पानी के साथ सेवन कराने से शीघ्र लाभ मिलता है।

मात्रा व अनुपान: 1 से 2 गोली, दिन में दो बार।

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