Sections

Newsletter
Email:
Poll: Like Our New Look?
Do you like our new look & feel?

शुक्रवल्लभ रस

Font size: Decrease font Enlarge font

गुण व उपयोग: शुक्रवल्लभ रस पौष्टिक रसायन है। इसके सेवन से शारीरिक क्षीणता, दुर्बलता, शीघ्र पतन, नपुंसकता आदि वीर्य की कमी से पैदा होने वाले रोग नष्ट होते हैं। इसके सेवन से शरीर में पुन: यौवन शक्ति पैदा हो जाती है। यह रसायन अत्यन्त स्तम्भक बाजीकरण और स्त्रियों के मद को नष्ट करने वाला है। यह रस समस्त वीर्य विकारजन्य रोगों के लिए अमृततुल्य गुणकारी है। अप्राकृतिक मैथुन आदि दुष्कर्मों से अथवा विषयभोग की अधिकता से जिन पुरूषों की जननेन्द्रिय में शिथिलता आ गयी हो तथा शारीरिक बल का हृास हो गया हो उनके लिये इस रसायन का उपयोग परर्मोपयोगी है। इसका विशेष उपयोग सर्दियों में किया जाता है।

 

मात्रा व अनुपान: 250 से 500 मिलीग्राम, दिन में दो बार मिश्री मिली हुए गर्म दूध के साथ।

 

Rate this article
4.00