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मकरध्वज गुटिका (स्वर्ण कस्तूरी यूक्त)

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गुण व उपयोग: उचित अनुपान के साथ सेवन करने से मकरध्वज गुटिका अनेक रोगों का नष्ट करती है। यह कामोत्तेजक, बलवर्द्धक और पुष्टिकारक है। यह हृदय और मस्तिष्क के लिए पुष्टिकारक, शीघ्रपतन नाशक, स्तम्भनशक्तिवर्द्धक, नपुंसकता और बल-वीर्य बढ़ाने से अपूर्व गुणकारी है। अधिक आयु में सम्भोग शक्ति बनाये रखने के लिए इस बटी का प्रयोग करना सर्वोत्तम है। वात-पित्त-कफ और त्रिदोष विकारा, प्रकृतिक विकृति, उन्माद, मोह, मूच्र्छा आदि रोग इसके सेवन से नष्ट होते हैं। इसके सेवन से क्षीण हुए धातु पुष्ट होकर शरीर का भार बढ़ने लगता है। अफीम जैसी नशीली वस्तु का सेवन किए बिना स्तम्भन शक्ति बढ़ाने के लिए यह प्रसिद्ध औषधी है।

मात्रा व अनुपान: 1-1 गोली, दिन में दो बार, शहद, मलार्इ, मक्खन या दूध के साथ।

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