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वातविघ्वंसन रस

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गुण व उपयोग: यह शीतांग, सन्निपात, वायु और कफ के विकार, सर्दी लग जाने से होने वाली तकलीफ, शूल, श्वास कास आदि रोगों में उत्तम लाभ करता है।

मात्रा व अनुपान: 1-1 गोली, दिन में दो बार अथवा चिकित्सक के परामर्श अनुसार।

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