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पूर्ण चन्द्र रस

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गुण व उपयोग: पूर्ण चन्द्र रस सब प्रकार के धातु रोगों में लाभ करता है। हृदय व मस्तिष्क को शक्ति देकर स्तम्भकशक्ति और काम-शक्ति को जागृत करता है। बाजीकरण के लिए इसका प्रयोग अधि लाभदायक है। रात्रि में ज्यादा प्रशाक होने और स्वप्नदोष के लिए यह अत्यन्त हितकारी है। पेट में कृमि हो, आध्मान (पेट फूलना), निद्रा पूरी न आती हो, बुरे स्वप्न दिखार्इ दें और इसी हालत में यह रस विशेष लाभ करता है। दुर्बल पुरूषों को यह पुष्टि के लिए दिया जाता है। लम्बे समय तक इसका सेवन किया जाए तो शरीर में रस रक्तादि धातुओं की अभिवृद्धि करके शरीर को शक्तिशाली बनाता है।

मात्रा व अनुपान: 1 से 2 गोली, दिन में दो बार दूध मलार्इ, शहद, पानी अथवा रोगानुसार अनुपान के साथ।

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