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जब आप सोते हैं तो शरीर में क्या होता है?

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शरीर के लिए सोना बहुत जरूरी होता है ताकि उसे आराम मिल सके और आपके सोचने की शक्ति में बढ़ोत्तरी हो सके व आपके विचार फिर से ऊर्जावान हो सके। ‌‌‌सोने के बाद हमें कुछ पता नही चलता। ‌‌‌सोने के बाद हम शवासन में चले जाते हैं। बुद्ध के अनुसार भी जब हम सोते हैं तो मृत्यु समान हो जाते हैं। सोने के बाद हमें पता नहीं होता है, लेकिन दिमाग और दिल लगातार कार्य करते ही रहते हैं। इस दौरान बहुत कुछ ऐसा होता है जो हमें पता भी नहीं चलता है।

‌‌‌नींद के ‌‌‌तीन चरण होते हैं।

पहला चरण है, नींद आना या झपकी, जो सबसे छोटा होता है। इस अवस्था में ‌‌‌आपको बार-बार झपकी आने लगती है। इस अवस्था से आप जल्दी उठ सकते हैं। यह चरण 5 से 10 मिनट का होता है।

‌‌‌दूसरा चरण है हल्की नींद, इस चरण में दिल की धड़कन कम होने लगती है व शरीर का तापमान कम होने लगता है। यह चरण गभग 20 मिनट का होता है। इस चरण में आपका शरीर नींद के लिए तैयार होता है।

‌‌‌तीसरा चरण है, गहरी नींद, ‌‌‌झपकी आनी बन्द हो जाती है व आंखे स्थिर हो जाती हैं। ‌‌‌इस अवस्था में शरीर की मुरम्मत, उत्तकों की वृद्धि, हडि्डयां व मांसपेशियां मजबूत बनती है और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली सुदृढ़ होती है। ‌‌‌जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है तो नींद आपको कम गहरी नींद आती है, फिर भी उम्रभर पूरी नींद सोना जरूरी है। यदि इस अवस्था में कोई आपका उठाता है तो आप गुमराह से हो जाते हैं।

पूरे दिन की भागदौड़ के बाद जब हम सोते हैं, तो अगले दिन तरोताजा होकर उठते हैं। क्या कभी आपने सोचा है कि सोते समय आपके शरीर में क्या-क्या होता है? आप भले ही सो जाते हों, लेकिन आपके शरीर में काफी कुछ चलता रहता है। नींद के दौरान आपका शरीर कुछ विचित्र कार्य करता है, तो जानते हैं सोने के दौरान हमारा शरीर क्या-क्या प्रतिक्रिया देता है: -

शरीर का तापमान गिर जाता है

सोने के दौरान शरीर का तापमान गिरने लगता है, जो कि प्राकृतिक रूप से होता है, क्योंकि आपका शरीर सोने के लिए तैयार होता है जिसके लिए ब्रेन मेलाटोनिन को रिलीज करता है। शरीर का सबसे कम तापमान रात को 2 बजे के तकरीबन होता है, यही कारण है कि अक्सर आपको इसी समय के आसपास कम्बल ढूंढने की जरूरत पड़ जाती है।

शरीर स्वस्थ महसूस होता है

सोने के दौरान आपका शरीर वजन को घटाने में सहायता प्रदान करता है। अगर आप चाहें तो सुबह उठकर माप सकते हैं क्योंकि रात के खाने को पचाने में शरीर को काफी मेहनत करनी पड़ती है। नींद कम लेने से वजन घटाने के योजना पर बेअसर हो सकती है।

कुछ देर के लिए लकवाग्रस्त हो जाते हैं

जब आप नींद लेते हैं तो कुछ देर के लिए आपको पता ही नहीं चलता है कि आप कहां है, क्या कर रहे हैं और खुद से कुछ भी नहीं कर पाते है, जब तक कि आपकी नींद नहीं टूट जाती है। आपको बता दे की ऐसा अक्सर बुरे सपनों में होता है, कई बार हमें ऐसा लगता है कि हमारे ऊपर कोई बैठा है या हमें उठना है पर हम उठ नहीं पाते हैं। ऐसी विवशता अक्सर सोने के दौरान होती है। ऐसा आरईएम फेज़ के दौरान होता है जिसमें शरीर, गहरी नींद में चला जाता है।

जैसे आप गिर रहे हों

नींद में ऐसा अक्सर लगता है कि हम गिर रहे हैं, जब तक कि कोई आपको जगा न दें या आपकी नींद न टूट जाएं। और इसे हाईपनोटिक पल्स कहते हैं। अब हर किसी को कभी न कभी ऐसा महसूस होता ही है। कई बार सोने के तुरंत बाद लगता है कि बेड से गिर जाएंगे।

आंखें घूमती हैं

सोने के दौरान आंखें लगातार घूमती रहती हैं। अगर कोई आंखें खोलकर सोता है तो आप इसे आसानी से देख सकते हैं। अगर ऐसा अक्सर नींद पूरी होने के दौरान होता है। रिफ्रेश होने के बाद भी अगर आप सोते रहते हैं तो आंखों का मूवमेंट शुरू हो जाता है।

सेक्स करने की ‌‌‌इच्छा

सोने के दौरान अक्सर पुरूषों में शीघ्रपतन हो जाता है और महिलाओं को सेक्स करने के सपने आते हैं क्योंकि सोने के दौरान सबसे ज्यादा सेक्स इच्छा होती है। और इस दौरान अनकही बातों के बारे में सोचता है और आपको उसी तरीके से रिलेक्स करता है क्योंकि बॉडी को काम करने के लिए ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। ऑक्सीजन के जरिए, सफेद रक्त कणिकाएं पूरे शरीर में पहुंचती हैं। इसलिए ये इच्छाएं दिमाग की उपज होती है।

पेट फूल सकता है

सोने के दौरान यह समस्या अक्सर हो जाती है। रात में सोने के दौरान, शरीर भोजन को पचाने की प्रक्रिया में लगा होता है, ऐसे में गैस बनने की समस्या होती है लेकिन वह रिलीज नहीं हो पाती है। इस कारण, पेट फूल जाता है। और लेकिन इस प्रकिया में अगर गैस निकलती है तो आपको व अन्य लोगों को पता नहीं चल पाता है, इसलिए कोई चिंताजनक बात नहीं है।

शरीर में झटका सा लगता है

कई बार आपको ऐसा होता होगा कि आप जैसे ही सोने वाले होगें, वैसे ही शरीर में झटका लगता है और नींद खुल सी जाती है। 70 प्रतिशत लोगों को सोने के दौरान ऐसा महसूस होता है। इसे हाईपेनिक जर्क कहते हैं। कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसा चिंता या तनाव के कारण होता है जो शारीरिक प्रक्रिया में बाधा डालता है।

त्वचा, कोलेजन को उत्पादित करती है

हम सभी जानते हैं कि चेहरे की त्वचा को ‌‌‌कान्तिवान बनाएं रखने के लिए कोलेजन कितना महत्वपूर्ण है। सोने के दौरान चेहरे की त्वचा को प्राकृतिक रूप से कोलेजन को निर्मित करती है। तो इसलिए, बेहतर होगा कि आप सोने से पहले चेहरे को धुलें और क्रीम लगाकर सोएं। और इससे मॉश्इचर त्वचा में पहुंच जाएगा और आपकी त्वचा दमकेगी।

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