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सड़क यात्रा से दूर रहने के लिए गर्भावस्था कोई बहाना नहीं

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गर्भावस्था में आपके कई “शुभ चिंतक” आपको कई बातों के लिए सावधान करेंगे कि कौनसी बात होने वाले बच्चे के लिए हानिकारक हो सकती है आदि आदि। कई बातें उपयुक्त हो सकती हैं किन्तु आज के दौर में सभी बातें मानना संभव नहीं। सबसे आम मान्यता है कि गर्भावस्था के दौरान महिला को यात्रा नहीं करनी चाहिए। लम्बी यात्रा से थकावट हो सकती है और माँ एवं होने वाले बच्चे के लिए खतरा हो सकता है, किन्तु छोटे सफ़र या ड्राइव पर जाना गर्भवती महिला के लिए तरोताज़ा महसूस करने का एकमात्र तरीका हो सकता है। यात्रा पर जाते समय गर्भवती महिलाओं को निम्लिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:

कार में बैठते समय और बाहर निकलते समय ध्यान रखें: कार में चढ़ना और उतरना बहुत ही साधारण सी बात हो सकती है किन्तु गर्भवती महिला के लिए यह कार्य थोड़ा परेशानी वाला हो सकता है। लम्बे सफ़र में कई बार कार में चढ़ना उतरना होता है, कार में चढ़ने और उतरने के बारे में गर्भवती महिला को पता होना चाहिए जो इस प्रकार हो सकता है। कार में चढ़ना: थोड़ा झुकें और फिर कार की सीट पर बैठें। फिर कार की सीट पर पीठ टिकाते हुए अपने पैर अन्दर लें। कार से उतरना: अपनी सीट पर ठीक से बैठते हुए एक पैर कार के बाहर निकालें। खुद को आराम दें। फिर पीछे टिकते हुए दूसरा पैर बाहर निकालें। अब कार के दरवाज़े या किसी का सहारा लेते हुए खड़े हों और बाहर निकलें। इन तरीकों से गर्भवती महिला के पेट और पीठ पर कम जोर पड़ेगा।

बैठने का स्थान: गर्भवती महिला को दूसरों की अपेक्षा टिक कर बैठने की ज्यादा ज़रूरत होती है। आगे की ओर झुकने से पेट, मूत्राश्य (Urinary bladder) और छाती पर जोर पड़ता है जो कि आपको असुविधाजनक लगेगा और सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। यह सुनिश्चित कर लें कि आप जिस सीट पर बैठी हैं उसकी पीठ आप अपने हिसाब से समायोजित (adjust) कर सकें।

हमेशा सुरक्षित रहें: कार चलाते समय सीट-बेल्ट का बहुत महत्व है। गर्भावस्था में सीट-बेल्ट कैसे लगाया जाए यह जानना ज़रूरी है। ध्यान रखना होगा कि परतला (Shoulder belt) आपके कंधे से होते हुए छाती के बीच में आये। नीचे वाला बेल्ट पेट के ऊपर या फिर नीचे की तरफ हो। इस तरीके से अचानक लगने वाले झटके से पेट नहीं दबेगा।

पहले खिड़की के कांच खोलें: जब दिन में कार में बैठें तो एकदम से एयरकंडीशनर चालू न करें। कुछ मिनटों के लिए कार के सभी कांच खुले रखें जिससे अन्दर मौजूद हानिकरक गैस बाहर निकल जाए। कुछ देर बाद कांच चढ़ा लें।

कार इत्र न छिड़कें: कार इत्र अजन्मे बच्चे के लिए हानिकारक हैं। ऐसा देखा गया है कि कार इत्र से बच्चों में जन्मजात दोष हो सकते हैं। अगर आपको कार के अन्दर की गंध बाहर करनी हो तो कांच खोल लें, बदबू से राहत पाने का यह प्राकृतिक तरीका बहुत कारगर है।

उबड़ खाबड़ सड़क-कार धीरे चलायें: उबड़-खाबड़ या गढ़ढों से भरी सड़क पर कार ऐसे चलायें कि आप गढ्ढों से बच कर निकल पाएं। अगर बचना मुमकिन न हो तो कार की गति धीमी करके गढ्ढों में से निकलें। यह अत्यंत आवश्यक है क्योंकि अचानक लगे झटके गर्भवती महिला और होने वाले बच्चे के लिए घातक हैं।

गति महत्वपूर्ण है: कार बहुत धीमी गति से चलाने का ध्यान रखें। क्योंकि गर्भवती महिलाओं को मोशन सिकनेस भी होती है, धीमी गति से कार चलाना ही मुसीबत से बचने का तरीका है।

ब्रेक लेती रहें: गर्भावस्था में लम्बे समय तक बैठे रहना असुविधाजनक लगता है। बैठे रहने से गर्भवती महिलाओं को सूजन एवं वेरिकोज़ वेंस की तकलीफ भी होती है। इसलिए हर एक-डेढ़ घंटे में रुक कर आराम करना लाभदायक होता है। कार से उतर कर कुछ दूरी तक पैदल चलना अच्छा रहता है।

कुछ साधारण चीज़ें लाभकारी हो सकती हैं: गर्भवती महिलाओं को हाथ-पैरों में रक्त थक्के की समस्या हो जाती है, इसलिए ब्रेक के वक़्त उन्हें वॉक और स्ट्रेच करना चाहिए। खड़े होकर एक पैर आगे करें, उँगलियों को ऊपर और नीचे की ओर घुमाएं।

कार-किट बहुत आवश्यक है: गर्भावस्था के समय शरीर में होने वाले बदलावों से आपको ज्यादा प्यास लग सकती है और कुछ ख़ास चीज़ें खाने की इच्छा जागृत होती है। इसलिए कार-किट बहुत आवश्यक होता है। पीने के पानी की एक बोतल, एक स्वास्थ्यवर्द्ध स्नैक, उलटी करने के लिए एक प्लास्टिक बैग, वैट-टिश्यू या बेबी वाइप्स, प्रीनेटल विटामिन्स और कुछ अन्य ज़रूरी चीज़ें आपके किट में होनी चाहिए।

फुट-वियर भी महत्वपूर्ण है: गर्भवती महिलाओं को कायदे से आरामदेह जूते पहनने चाहिए। इसके लिए फ्लैट जूते सबसे उचित होते हैं क्योंकि ये सूजे हुए पैरों को भी हानि नहीं पहुंचाते और आपकी पीठ को भी आराम देते हैं।

आरामदेह वस्त्र पहनें: सफ़र के समय ढीले आरामदेह कपड़े पहनने चाहिए। कसे हुए कपड़े पहनने से ब्लड क्लोट्स हो सकते हैं। एक और ध्यान देने योग्य बात है कि गर्भावस्था के समय आपको बार-बार बाथरूम जाना पड़ता है। इसलिए इसी बात को ध्यान में रखते हुए कपड़ों का चयन करें।

इमरजेंसी के लिए तैयार रहें: अपने साथ हमेशा अपने मेडिकल रिपोर्ट्स, इमरजेंसी नंबर्स (जहाँ आप जा रहे हैं वहां के), आपकी गायनेकोलोजिस्ट का नम्बर और आपकी इमरजेंसी वाली दवाइयां रखें।

गर्भावस्था का समय घर में बंद होने के लिए नहीं होता, बल्कि बाहर निकल कर आनन्द लेना और तनाव मुक्त रहना आपके और होने वाले बच्चे के लिए अच्छा है। बस कुछ भी करने के पहले एक बार अपने डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।

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