Home | स्वास्थ्य | ‌‌‌नारी स्वास्थ्य | गर्भवती महिला में भ्रूण अवरण द्रव की सही मात्रा होना जरुरी

Sections

Newsletter
Email:
Poll: Like Our New Look?
Do you like our new look & feel?

गर्भवती महिला में भ्रूण अवरण द्रव की सही मात्रा होना जरुरी

Font size: Decrease font Enlarge font

गर्भवती महिला में भ्रूण अवरण द्रव (Amniotic fluid) की सही मात्रा का होना आवश्यक होता है। नियमित जाँच के दौरान यह पता लगाया जा सकता है की शरीर में इसकी कितनी मात्रा उपलब्ध है। भ्रूण अवरण द्रव का कम होना (Oligohydramnios): लगभग 8% महिलाओं में भ्रूण अवरण द्रव कम होता है। इसकी कमी गर्भावस्था के समय कभी भी हो सकती है। लेकिन ज़्यादातर यह गर्भावस्था के आख़िरी चरण में देखा जाता है। यदि बच्चे की जनम की तारीख 2 या 3 हफ्ते आगे बढ़ जाती है तो इसका अर्थ यह होता है की महिला में भ्रूण अवरण द्रव की कमी है। इसके कई कारण होते हैं।

हाई ब्लड प्रेशर

प्रसव की तारीख आगे बढ़ना

बच्चे के गुर्दे के विकास में दिक्कत आना

किसी तरह के उपचार लेने के कारण

भ्रूण अवरण द्रव का ज्यादा होना (Polyhydramnios):

यदि गर्भाशय में भ्रूण की वृद्धि अधिक तेज़ी से हो रही है तो इस समस्या को भी चिकित्सक जल्द ही पहचान जाते है। यह गर्भाशय में भ्रूण अवरण द्रव का ज्यादा होने की वजह से होता है। इस वजह से गर्भवती महिलाओं की पीठ और पेट में दर्द रहता है। यहां तक की पैरों में सूजन आने जैसी समस्या देखने को मिलती है।

बच्चे की धड़कन की गति असमान्य होना

बच्चे को किसी तरह का संक्रमण होना

एक से ज़्यादा बच्चे या फिर जुड़वां बच्चे होना

जन्मजात समस्याएं

माँ में डायबिटीज की समस्या का होना

भ्रूण में रक्त अल्पतता के लक्षणों का होना

यदि आप भी गर्भवती है तो स्वस्थ बच्चे के जन्म के लिए किसी भी तरह की परेशानी होने चिकित्सक की सलाह ले। और कोई भी परेशानी न होने पर भी नियमित जांच करवाते रहें।

Rate this article
4.00