Home | स्वास्थ्य | ‌‌‌नारी स्वास्थ्य | आयरन गर्भावस्था में जरूरी है

Sections

Newsletter
Email:
Poll: Like Our New Look?
Do you like our new look & feel?

आयरन गर्भावस्था में जरूरी है

Font size: Decrease font Enlarge font

गर्भवती महिलाओं को प्रोटीन एवं कैल्शियम के साथ-साथ आयरन की भी आवश्यकता होती है। बच्चे की हड्डियों के विकास के लिए प्रोटीन एवं कैल्शियम काफी आवश्यक है। इसी प्रकार कम से कम रोज 27 मि.ग्रा. आइरन भी मिलना चाहिए जो आप को मांस, दाल और अनाज में से मिलेगा। फलों में मौजूद आइरन का अवशोषण इतना अच्छा नही होता है। यदि खाने में प्रोटीन अधिक मात्रा में ले तो अच्छा है।  जन्म से सम्बंधित समस्याओं से बचने के लिए फोलिक एसिड भी काफी आवश्यक होता है। इसके साथ ही गर्भ में पल रहे बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचाने लिए आयरन का सेवन भी काफी उपयोगी है।

आयरन शरीर के सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों में से एक है।

गर्भावस्था के लिए यह आवश्यक पोषक तत्वों में से एक है और लगभग सभी महिलाओं में इसकी कमी होती है।

शरीर द्वारा आयरन का उपयोग हीमोग्लोबिन के उत्पादन में किया जाता है।

यह बच्चे की नाल और माँ में रक्त अल्पतता (जिससे कि समयपूर्व प्रसव और जन्म के समय कम वजन जैसी समस्या हो सकती है) के खतरे को कम करने के लिए आवश्यक है।

आयरन के खाद्य स्त्रोत (Sources of Iron): आयरन के कुछ प्रभावी खाद्य स्त्रोतों में बिना चर्बी का लाल मांस, पोल्ट्री जैसे चिकन, टर्की और मछली आदि है।

 

अन्य स्त्रोतों में आयरन फोर्टिफाइड अनाज, राजमा, पालक, शलजम के हरे पत्ते, चुकंदर के हरे पत्ते, कैल, क्वीनोआ, मसूर, मुनक्का और खुबानी (ऐप्रकॉट) आदि शामिल है।

Tags
No tags for this article
Rate this article
5.00