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खाद्य आहार श्रृंखला में कीटनाशकों के अवशेष

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एक कहावत है किजैसा खाये अन्न, वैसा होये मनअत: कहा जा सकता है कि यदि स्वस्थ भोजन ग्रहण किया जाए तो शरीर स्वस्थ ही रहेगा। लेकिन खाद्य-आहार श्रृंखला में रासायनों के प्रवेश से केवल कृषि में पाए जाने वाले कीटों के मारे जाने साथ मानवों सहित अन्य जीव जन्तु भी खतरे में पड़ गये हैं। आहार में अत्याधिक कीटनाशकों की मात्रा से मनुष्य रोगी होता जा रहा है। 

रासायानिक खेती : यह विधित है कि रासायानिक खेती के उत्पादों में बहुत अधिक मात्रा में रासायनों के जहरीले अवशेष होते हैं (Brandt and Molgaard 2001)। चट्टोपाध्याय ने 1998 में अपने शोध पत्र में 40 से भी ज्यादा कीटनाशकों (जैसे कि क्विनाल्फोस, मैलाथियोन, फॉस्फामीडोन, डामेथोएट, डाक्लोरोवोस और फोरेट) के अवशेष बंदगोभी, फूलगोभी, बैंगन इत्यादि पाए गये (Chattopadhyay 1998)। चहल एवं अन्य ने 1999 में प्रकाशित शोध पत्र में बैंगन, बंदगोभी, फूलगोभी, आलू एवं टमाटर के 197 सैम्पल में कीटनाशकों की पुष्टि की है (Chahal et al.1999)। टोटेजा एवं अन्य ने 2006 के अनुसार भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने 11 राज्यों के सर्वेक्षण में गेहूँ एवं आटे के एकत्रित 1712 सैम्पल में डी.डी.टी. एवं एच.सी.एच. पाए गये (Toteja et al. 2006)। ठाकुर एवं अन्य (2008) को भी पंजाब के तलवंडी साबो एवं चमकौर साहिब से पानी, सब्जी और रक्त के नमूने में अनुमेय सीमा से ऊपर हेप्टाक्लोर (Heptachlor), एथिन (Ethion) और क्लोरोपाइरीफोस (Chloropyrifos) का स्तर मिला (Thakur et al., 2008)। इन सभी कीटनाशकों का संबंध कैंसर होने से पाया गया है। 

जैविक खेती : रासायानिक खेती की तुलना में जैविक खेती के उत्पादों में हानिकारक कीटनाशकों के अवशेष कम मात्रा में होते हैं (Brandt and Molgaard 2001), लेकिन शोध यह भी बताते हैं कि जैविक उत्पाद कम जहरीले नहीं हैं (Edwards-Jones and Howells 2001)

प्राकृतिक खेती : प्राकृतिक खेती में किसी भी प्रकार के जहरीले पदार्थ का उपयोग नहीं किया जाता है, इसलिए खाद्य-पदार्थों में जहरीले अवशेषों का सवाल ही पैदा नहीं होता है।

References

Brandt K. and Molgaard J.P., 2001, “Organic agriculture: does it enhance or reduce the nutritional value of plant foods?,” Journal of the Science of Food and Agriculture; 81(9): 924-931.[Web Reference]

Chahal, K.K., B. Singh, R.S. Battu, and B.K. Kang. 1999. Monitoring of farmgate vegetables for insecticide residues in Punjab. Indian Journal of Ecology 26 (1): 50-55.

Chattopadhyay P.K. 1998, “Insecticide and pesticide pollution of food stuffs and their toxic effect on man,” Chandigarh: Punjab State Council for Science and Technology.

Edwards-Jones G. and Howells O., 2001, “The origin and hazard of inputs to crop protection in organic farming systems: are they sustainable?,” Agricultural Systems; 67(1): 31-47. [Web Reference]

Thakur, J.S., B.T. Rao, A. Rajwanshi, H.K. Parwana, R. and Kumar. 2008. Epidemiological study of high cancer among rural agricultural community of Punjab in Northern India. International Journal of Environmental Research and Public Health 5: 399-407. [Web Reference]

Toteja G.S., et al., 2006, “Residues of DDT and HCH in wheat samples collected from different states of India and their dietary exposure: A multicentre study,” Food additives and contaminants; 23(3): 281-288. [Web Reference]

 

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